Biology (NTSE/Olympiad)  

7. वंशागति तथा उद्विकास

विभिन्नताओं का महत्त्व

पूर्वअनुकूलन:
प्राकृतिक विभिन्नताऐं, वातावरण में परिवर्तन से पूर्व अनुकूलन के रूप में कार्य करती है। उदाहरण के लिए, उष्मीय तरंगें कुछ जीवाणुओं को छोड़कर अधिकांश जीवाणुओं को मार सकती है जिनमें उच्च ताप सहन करने के लिए पूर्व अनुकूलन या विभिन्नता होती है।
उद्विकास:
विभिन्नतायें, उद्विकास प्रक्रम के लिए कच्ची सामग्री होती है। प्रकृति या वातावरण द्वारा कुछ उपयुक्त परिवर्तनों का चुनाव, उद्विकास का आधार बनाते है।
अस्तित्व के लिए संघर्ष:
उपयोगी विभिन्नतायें, अस्तित्व के लिए संघर्ष में व्यष्ठियों को लाभ प्रदान करती है तथा जिससे प्रकृति में उत्तरजीविता होती है।
विशिष्ठता:
विभिन्नतायें, एक तथा अन्य व्यष्ठियों से भिन्न पहचान प्रदान करती है।
कृित्राम चयन:
प्रजनकों द्वारा चुनी गर्इ विभिन्नताओं के परिणामस्वरूप घरेलू पादपों तथा जन्तुओं की नस्लों तथा किस्मों का विकास हुआ है।

यदि आप भी दुसरे स्टूडेंट्स / छात्र को ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी देना चाहते है तो इसे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर अधिक से अधिक शेयर करे | जितना ज्यादा शेयर होगा, छात्रों को उतना ही लाभ होगा | आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए है |

×

एन. टी. एस. ई . Biology (कक्षा X)


एन. टी. एस. ई . Biology (कक्षा IX)


विस्तार से अध्याय देखें

भौतिक विज्ञान CBSE कक्षा 9th व 10th कोर्स देखें

रसायन विज्ञान CBSE कक्षा 9th व 10th कोर्स देखें

भूगोल CBSE कक्षा 9th व 10th कोर्स देखें

जीव विज्ञान CBSE कक्षा 9th व 10th कोर्स देखें

लोकतांत्रिक राजनीति CBSE कक्षा 9th व 10th कोर्स देखें

अर्थशास्त्र CBSE कक्षा 9th व 10th कोर्स देखें

इतिहास CBSE कक्षा 9th व 10th कोर्स देखें