Chemistry (NTSE/Olympiad)  

6. कार्बन तथा इसके यौगिक

याद रखने योग्य बिन्दु

♦ कार्बन सदैव सहसंयेाजक बन्ध बनाता है।
♦ सभी जान्वीय तथा वनस्पतियों में कार्बन उपस्थित होता है।
♦ कार्बन का अपरिमित श्रृंखला तक दूसरे कार्बन परमाणु से सरल रेखीय, शाखित या चक्रीय श्रृंखलाओं में जुड़ने की प्रवृत्ति श्रृंखलन कहलाती है।
♦ हाइड्रोकार्बनों के दो प्रकार होते है - संतृप्त तथा असंतृप्त।
♦ एल्केनों का सामान्य सूत्रा CnH2n+2 है।
♦ एलकीनों CnH2n का सामान्य सूत्रा हैं
♦ एल्कोर्इनो CnH2n–2 का सामान्य सूत्रा है।
♦ कार्बन यौगिक जिनमें समान क्रियात्मक समूह तथा समान गुण हो परन्तु अणूसूत्रा में CH2 समूह द्वारा विभेदित होकर सजातीय श्रेणी बनाते है, ऐसे यौगिकों का (homologous) सजातीय कहते है।
♦ समान आण्विक सूत्रा तथा भिन्न संरचना सूत्रा वाले यौगिक समावयवी कहलाते है।
♦ वायु की अनुपस्थिति में, एल्केनो का गर्म करने पर वियोजन, भंजन (cracking) कहलाता है।
♦ मेथेन को, सोडियम एसीटेट तथा सोडा लार्इम को गर्म करके बनाया जाता है।
♦ जब एथेनॉल को 160°C पर सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल के आधिक्य के साथ गर्म किया जाता है। एथीन गैस बनती है।
♦ प्राकृतिक गैस मुख्यतया मेथेन, एथेन, प्रोपेन तथा ब्यूटेन का गैसीय मिश्रण होता है।
♦ संपीडित प्राकृतिक गैस को वाहनों के र्इंधन के रूप में पेट्रोल के विकल्प के रूप में प्रयुक्त किया जाता है।
♦ प्राकृतिक गैस हाइड्रोजन गैस का वृहद स्रोत होता है जो अवर्रको के निर्माण में आवश्यक होता है।
♦ द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) को घरेलू र्इंधन के रूप में प्रयुक्त किया जाता है।
♦ पेट्रोल, हैक्सेन, हैप्टेन तथा ऑक्टेन गैस हाइड्रोकार्बन का संकुल मिश्रण होता है।
♦ पेट्रोल को मोटर र्इंधन के रूप में प्रयुक्त किया जाता है।
♦ एल्कोहॉल कार्बनिक यौगिक होता है जिनमें कार्बन परमाणु से जुड़ा हाइड्रोक्सिल समूह (–OH) होता है।
♦ एल्कोहॉल लिटमस के प्रति उदासीन होता है।
♦ एल्कोहॉल, सोडियम के साथ क्रिया करके हाइड्रोजन गैस देता है।
♦ एथेनॉल, निद्राकारी होता है तब अधिक आदतनीय होता है।
♦ एथेनॉल, शराब तथा बीयर जैसे पेयो का घटक होता है।
♦ एथेनॉल, निद्राकारी होता है तथा अधिक आदतनीय होता है।
♦ कार्बोक्सिलीक समूह (–COOH) युक्त कार्बनिक यौगिक, कार्बोक्सिलीक अम्ल कहलाते है।
♦ एथेनोइक अम्ल, सोडियम कार्बोनेट के साथ क्रिया करके कार्बनडार्इ ऑक्सार्इड गैस देता है।
♦ एथेनोर्इक अम्ल का 4 – 6% तनु जलीय विलयन सिरका कहलाता है।
♦ एसिटीक अम्ल के 99% शुद्व विलयन को ग्लेशियल एसिटिक अम्ल कहते है।
♦ साबुन दीर्घ श्रृंखलित कार्बोक्सिलीय अम्ल के सोडियम या पोटेशियम लवण होते है सोडियम पामिटेट, सोडियम स्टियेरेट, इत्यादि साबुन के उदाहरण है।
♦ क्षार को प्रयुक्त करके वसा या तेलों के विघटन का प्रक्रम साबुनीकरण कहलाता है।
♦ साबुन कठोर जल में झााग नहीं देता है जबकि अपमार्जक दोनों प्रकार के जलों में झाग देता है।
♦ साबुन जैव अपघटनीय होते है परन्तु संश्लेषित अपमार्जक जैव अपघटनीय नहीं होते।

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