Chemistry (NTSE/Olympiad)  

3. रासायनिक अभिक्रियाएँ

याद रखने योग्य बिन्दु

♦ एक रासायनिक बन्ध आर्कषण बल होता है जो अणु में परमाणुओं को बांधे रखता है
♦ एक वैद्युतसंयोजी बंध निर्मित होता है जिसके फलस्वरुप एक परमाणु से अन्य परमाणु को इलेक्ट्रॉन का स्थानान्तरण होता है
♦ परमाणु जो इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाता है, विध्युतधनी कहते है।
♦ परमाणु जो इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाते है, विध्युतऋणी कहलाता है।
♦ निकटतम नोबल गैस के स्थायी विन्यास को प्राप्त करने के लिए परमाणु द्वारा त्यागे या ग्रहण किये गये कुल इलेक्ट्रॉन, परमाणु की संयोजकता कहलाते है।
♦ परमाणु द्वारा बनाये गये वैद्युतसंयोजी बन्धो की संख्या, इसकी वैद्युत संयोजकता कहलाती है।
♦ संयोजित परमाणु के मध्य इलेक्ट्रॉनो के अन्योन्य साझे द्वारा निर्मित बंध सहसंयोजक बन्ध कहलाते है।
♦ सहसंयोजक बन्धो वाले यौगिक को सहसंयोजक यौगिक कहते है।
♦ इसकी निकटतम नोबल या अक्रिय गैस के स्थायी विन्यास प्राप्त करने के लिए सहसंयोजक बन्ध के निर्माण में दिये गये परमाणु द्वारा साझित इलेक्ट्रॉनो की कुल संख्या इसकी सहसंयोजकता कहलाती है।
♦ बल जो धातु मे परमाणुओं को निकटतम बांधे रखता है धात्विक बंध कहलाता है।

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