Geography (NTSE/Olympiad)  

1. संसाधन एवं विकास

शब्दावली

1. अजैविक संसाधन : वह सभी संसाधन जो कि अजैविक वस्तुओं से बने होते हें। उदाहरण : स्थल, जल, मृदा।
2. वृक्षारोपण : इसका अर्थ वृक्षों के रोपण से है।
3. जैविक संसाधन : वे सभी संसाधन जिनमे जीवन व्याप्त होता है, उदाहरण : वन तथा उनके कृषि फसल उत्पाद, जन्तु एवं पक्षी समुद्री जीव।
4. संरक्षण : इसका अर्थ प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण स्थलीय उपयोग करना जिससे हम इन संसाधनों से लम्बे समय तक अधिकतम संभव लाभ प्राप्त कर सके।
5. परती भूमि : वह उपजाऊ भूमि जो कि खाली छोड़ दी जाती हैं, या कुछ ऊपज की जाती है जिससे यह अपनी उर्वरकता वापस प्राप्त कर लें।
6. अवनालिका अपरदन : वनस्पति की अनुपस्थिति में बहता हुआ जल गहरे खड्डों का स्थान ले लेता है, जिससे मृदा खेती के लिए अनुपर्युक्त हो जाती है।
7. भूमि निम्नीकरण : खेती के लिए अनुपर्युक्त स्थल को छोड़ना भूमि का निम्नीकरण कहलाता है।
8. नवीनीकरण संसाधन : वे संसाधन जिन्हें भौतिक, रासायनिक या यांत्रिक प्रक्रियाओं द्वारा दिये गये समय में नवीनीकृत या पुन: उत्पन्न किया जा सकता है उदाहरण : सौर ऊर्जा, वन, कृषि उत्पाद।
9. मानव निर्मित संसाधन : ये वे संसाधन है जो मशीन की सहायत से मानव द्वारा बनाए जाते है।
10. प्राकृतिक संसाधन : वे संसाधन जो प्रकृति का वरदान उपहार है। उदाहरण : नदी, पर्वत, स्थल, वनस्पति, खनिज।
11. अनवीकरण संसाधन : ये वे संसाधन है जो एक बार उपयोग आने के बाद पुन: स्थापित नहीं किया जा सकता है। उदाहरण : कोयला, पेट्रोल, खनिज आदि।
12. खड्डे : वे स्थल जो कि मृदा अपरदन के कारण खेती के लिए अनुपर्युक्त होते है।
13. संसाधन नियोजन : इस तकनीक से संसाधनों का दक्षता और उचित रूप से उपयोग में लेना।
14. मृदा : पृथ्वी की उपरि-मुख्य परत, जो कि ढीले खण्डयुक्त तथा उगने वाले पादपों के लिए उपयोगी होती है।
15. मृदा अपरदन : प्रकृति के दबाव के द्वारा मृदा का हटना। मुख्य रूप से वायु तथा जल।
16. संसाधन : वातावरण की वस्तुएं जोकि मानव की आधारभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करती है। ये तकनिकीयाँ अपनाये जाने वाले, आर्थिक साध्य तथा सांस्कृतिक रूप से अपनाये जाने वाले होते है।
17. संसाधनों का विकास : यह वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा मानव संतुष्टि के लिए उपलब्ध प्राकृति संसाधनों को उपयोग के लिए बना सके।
18. समोच्च जुतार्इ : ढाल वाली भूमि पर समोच्च रेखाओं के समानान्तर हल चलाने से ढाल के साथ जल बहाव की गति घटती है।
19. चादर अपरदन : ढाल पर स्थित ऊपरी मृदा का वर्षा के पानी के कारण हटना।
20. उत्खात भूमि : ऐसी भूमि जो खेती के लिए योग्य नहीं होती है।
21. निक्षालन : वे प्रक्रिया जिसमे वर्षा जल के कारण मृदा के खनिज पोषक हट जाते है।
22. शुद्ध बोया गया क्षेत्रा : एक कृषि वर्ष में एक बार से अधिक बोए एग क्षैत्रा को कुल बोए गए क्षेैत्रा में जोड़ दिया जाए।
23. सुरक्षा पट्टी : वृक्षों की कतारे जो कि दो फसलों के मध्य रोपित की जाती है।
24. भंडार : पर्यावरण में उपलब्ध वे पदार्थ जो मानव की आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकते हैं परन्तु उपयुक्त प्रौद्योगिकी के अभाव में मानव की पहुँच से बाहर है।

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