Physics (NTSE/Olympiad)  

2. विध्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव

चुम्बक के दो ध्रुव

एक चुम्बक के ध्रुव : जब एक चुम्बक के सिरों को लोहे के बुरादे में डुबोया जाता है, बुरादा इसके सिरो पर चिपकता है, किन्तु इसक भुजाओं पर नहीं। इससे यह अर्थ निकलाता है कि चुम्बक में आकर्षण का केन्द्र केवल उसके सिरों के पास होता है, ये आकर्षण के केन्द्र जो चुम्बक के सिरों के समीप होते हैं, ध्रुव कहलाते हैं। जब यह चुम्बक स्वतंत्रता पूर्वक लटकायी जाती है, दोनों सिरे उत्तर-दक्षिण दिशा में इंगित करते हैं। सिरों के समीप ध्रुव जो उत्तर की ओर इंगित करता है (उत्तर के पास वाला सिरा) उत्तरी ध्रुव कहलाता है तथा सिरे के समीप स्थित ध्रुव जो दक्षिण की ओर इंगित करता है। (दक्षिण के पास वाला सिरा) दक्षिण ध्रुव कहलाता हैं।
ध्रुवों के मध्य अत:क्रिया : चुम्बकीय ध्रुव एक दूसरे पर बल लगाते हैं। समान ध्रुव एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं, जैसे कि एक उत्तरी ध्रुव दूसरे उत्तरी ध्रुव को प्रतिकर्षित करता है या विपरीत ध्रुव एक दूसरे को आकर्षित करते हैं, जैसे कि उत्तरी ध्रुव एक दूसरे को आकर्षित करते हैं, जैसे कि उत्तरी ध्रुव दक्षिणी ध्रुव को आकर्षित करता हैं।

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