Physics (NTSE/Olympiad)  

2. विध्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव

चुम्बकीय क्षेत्र

चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएं (चुम्बकीय बल रेखाएँ)
परिभाषा : एक चुम्बकीय द्विध्रुव के एक चुम्बकीय ध्रुव के चुम्बकीय क्षेत्र में एक चुम्बकीय बल रेखा सीधी या वक्रीय रेखा है, जो इस तरह से है कि रेखा के किसी भी बिन्दु पर स्पर्शज्या उस बिन्दु पर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा बताती है।
चुम्बकीय बल रेखाओं के गुण
ये निम्न गुण रखती है :
ये हमेशा चुम्बक की सतह के प्रत्येक बिन्दु पर लगभग लम्बवत् होती है।

ये उत्तरी ध्रुव (धनात्मक) से शुरू होती हैं और दक्षिणी (ऋणात्मक) ध्रुव पर अतं होती हैं।
दो चुम्बकीय बल रेखाएँ आपस में प्रतिच्छेद नहीं करती हैं।
ये अनुदैध्र्य रूप से सिकुड़ने की प्रवृत्ति रखती है। (अनुदैध्र्य संकुचन)
ये पािश्र्वक रूप से विस्तारित होने की प्रवृत्ति रखती है। (पािश्र्वक प्रतिकर्षण) ताकि पड़ौसी रेखाओं पर पािश्र्वक दाब लगा सके।
(उपरोक्त दो गुण एक खींचे हुए रबर बैन्ड के समान हैं)
एक बिन्दु के सापेक्ष प्रति इकार्इ क्षेत्रफल से लम्बवत् निकलने वाली चुम्बकीय बल रेखाओं की संख्या, उस बिन्दु पर चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता देती है।

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