Physics (NTSE/Olympiad)  

1. विध्युत

हल किये गये उदाहरण

Ex.1 एक TV सेट इलेक्ट्रॉनों के एक पुंज को बाहर की तरफ छोड़ता है। पुंज की धारा 10 µA है -
(a) प्रत्येक सेकण्ड में कितने इलेक्ट्रॉन TV स्क्रीन पर टकरायेंगे ?
(b) एक मिनट में कितना आवेश स्क्रीन से टकरायेगा ?
Sol. पुंज की धारा, I = 10 µA = 10 x10–6A
समय, t = 1 s
इसलिए,
(a) प्रति सेकण्ड प्रवाहित आवेश है,
Q = I x t = 10 x 10–6A x 1s = 10 x 10–6C
हमें ज्ञात है कि,
एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश = 1.6 x 10–19C
इसलिए, प्रति सेकण्ड स्क्रीन पर टकराने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या है TV = ()
= 6.25 x 1014
(b) प्रति मिनिट स्क्रीन पर गिरने वाला आवेश है -
= (6.25 x 1014x 60) x 1.6 x 10–19C
= 6.0 x 10–3C
Ex.2 एक चालक में 10A धारा है। मान लिजिए कि यह धारा पूर्ण रूप से इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह के कारण है। (a) प्रति सेकण्ड अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल को पार करने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या है, (b) यदि ऐसी धारा 1 घंटे के लिए जारी रखी जाये, आवेश का कुल प्रवाह ज्ञात करो -
Sol. धारा, I = 10 A
परिपथ से गुजरने वाला आवेश एक सेकण्ड में है,
Q = 10 C (आवेश / समय = धारा)
(a) हम जानते है कि, एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश
= 1.6 x 10–19C
इसलिए, प्रति सेकण्ड गुजरने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या है =10C / 1.6 x 10-19= 6.25 x 1019
(b) एक घंटे में आवेश का कुल प्रवाह है
= धारा x समय
= 10 A x 1 h
10 A x (1 x 60 x 60 s) = 36000 C
Ex.3 5.0 A की एक धारा एक परिपथ से 15 मिनट के लिए बहती है। इस समय के दौरान परिपथ में से बहने वाले विध्युत आवेश की मात्रा ज्ञात करो -
Sol. दिया है : धारा, I = 5.0 A
समय, t = 15 min. = 15 x 60 s = 900 s
तब, आवेश जो परिपथ से बहता है,
Q = धारा x समय
= 5.0A x 900 s
= 4500 A.s = 4500 C
Ex.4 तार का एक टुकड़ा खीचकर दुगुना कर दिया जाता है। नये प्रतिरोध की वास्तविकि प्रतिरोध से तुलना करो।
हल. तार के पदार्थ का आयतन समान रहता है। इसलिए, जब लम्बार्इ को दुगुना करते है, इसके अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल आधा हो जाता है। इसलिए, यदि l व a तार की वास्तविक लम्बार्इ एवं अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल है तो,
प्रतिरोध का वास्तविक मान, R = ρ x l/a
तथा,
प्रतिरोध का नया मान,

Ex.5 एक 100 m लम्बे ताँबे के तार के प्रतिरोध की गणना करो। ताँबे के तार का व्यास 1 mm है।
Sol. निम्न सम्बन्ध का प्रयोग करके,

दिया है,


R = 2.04 ohm
Ex.6 यदि चार प्रतिरोध प्रत्येक 1 ओम के श्रेणीक्रम में जोडे़ जाते हैं। तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करें।
Sol. श्रेणीक्रम में,
R1 = R2 = R3 = R4 = 1ohm
मान रखने पर हम पाते हैं कि,
Rs = 1 + 1 + 1 + 1 = 4
Ex.7 माना कि एक लैम्प पर 6-volt बैटरी जोड़ी जाती है। लैम्प का प्रतिरोध 20 ohm है। परिपथ में धारा 0.25 A है, तो प्रतिरोध की गणना करो जो कि प्रयुक्त होना चाहिए।
Sol. लैम्प का प्रतिरोध, R = 20 ओम
अन्य प्रतिरोध, R = ?
(परिकलित करना है)
R व R’ श्रेणीक्रम में है,
तो परिपथ का कुल प्रतिरोध, Rs = R + R’
ओम के नियम से, Rs = V/I
मान रखने पर हम पाते है कि,

= 24 ohm
किन्तु Rs = R + R’
इस प्रकार R’ = Rs – R
= 24 – 20 = 4 ohm
अतिरिक्त प्रतिरोध, R’ = 4 ओम.
Ex.8 एक 6 ओम का प्रतिरोध 4 ओम के दूसरे प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है। संयोजन पर 20 वोल्ट का विभवान्तर लगाया जाता है। परिपथ से जाने वाली धारा तथा 6 ओम प्रतिरोध के सिरों पर विभवान्तर ज्ञात करो।
Sol. अच्छी तरह से समझने के लिए हमें एक उचित परिपथ चित्र बनाना चाहिए जिसे चित्र में दिखाया गया है -

हम विध्युत अवयवों के लिए उचित संकेत प्रयोग करते हैं। प्रतिरोध एक 20 V की बैटरी के साथ श्रेणी क्रम में जुडे़ हुए दिखाये गये हैं। धारा प्रवाह की दिशा बैटरी के धनात्मक टर्मिनल से ऋणात्मक टर्मिनल की ओर दिखार्इ गर्इ है।
विभवान्तर, V = 20 V
6 Ω पर विभवान्तर
V1 = ? (परिकलित करना है)
कुल परिपथ प्रतिरोध = 10 Ω
ओम के नियम से, Is = V/RS
परिपथ धारा, I = 2 एम्पियर या (2A)
मान रखने पर हम पाते हैं कि,
V1 = 2 x 6 = 12 वोल्ट
6 Ω प्रतिरोध पर विभवान्तर है = 12 V
Ex.9 दो प्रतिरोध चित्रानुसार श्रेणीक्रम में जुडे़ हैं -

(i) 5 ओम प्रतिरोध से जाने वाली धारा कितनी है?
(ii) R से जाने वाली धारा कितनी है ?
(iii) R का मान क्या है ?
(iv) V का मान क्या है ?
Sol. प्रथम प्रतिरोध, R1 = 5 Ω
(i) 5 ओम प्रतिरोध से जाने वाली धारा, I = ?
(ii) R से जाने वाली धारा, I = ?
(iii) दूसरे प्रतिरोध का मान, R = ?
(iv) बैटरी द्वारा लगाया गया विभवान्तर, V = ?
(i) ओम के नियम से, R =
हम पाते है कि, I = V/R = V1=R1
I =10/5= 2 एम्पियर
5 Ω प्रतिरोध से गुजरने वाली धारा = 2 एम्पियर (2A).
(ii) क्योंकि R, 5 Ω के साथ श्रेणीक्रम में है, इसमें से भी समान धारा प्रवाहित होगी,
R से प्रवाहित धारा = 2 A.
(iii) ओम के नियम से, R = V/I
R2 = V2/I
R2 = 6/2= 3 ohms
प्रतिरोध R मान रखता है = 3 ओम
(iv) सम्बन्ध, V = V1 + V2
V = 10 + 6 = 16 वोल्ट
V = 16 वोल्ट
Ex.10 प्रतिरोध R1, R2 एवं R3 जो क्रमश: 5Ω , 10Ω, एवं 30Ω का मान रखते हैं, समान्तर क्रम में एक 12 वोल्ट की बैटरी से जुडे़ है। ज्ञात कीजिए-
(a) प्रत्येक प्रतिरोध से जाने वाली धारा
(b) परिपथ में कुल धारा
(c) परिपथ का कुल प्रतिरोध
Sol. यहाँ,
R1 = 5Ω , R2 = 10Ω , R3 = 30 Ω , V = 12 V
(a) I1 = ? I2 = ? I3 = ?
(b) I = I1 + I2 + I3 = ?
(c) Rp = ?
(a) सम्बन्ध, (ओम के नियम से), R = V/I
I = V/R
मान रखने पर हम जाते हैं कि,
I1 = V/R1= 12/5=2.4 A
I2 = V/R2=12/10= 1.2 A
I3 =V/R3=12/30= 0.4 A
(b) कुल धारा, I = I1  2  3
I = 2.4 + 1.2 + 0.4 = 4 A
(c) सम्बन्ध


Rp = 3 ओम
Ex.11 प्रतिरोध R1 = 10 ओम, R2 = 40 ओम, R3 = 30 ओम, R4 = 20 ओम, R5 = 60 ओम और एक 12 V बैटरी चित्रानुसार जुड़ी हुर्इ है -
ज्ञात करो :
(a) कुल प्रतिरोध और (b) परिपथ में प्रवाहित होने वाली कुल धारा
Sol. परिस्थिति चित्र में दिखार्इ गयी है -

R1 व R2 समान्तर है -

or RP1= 8 ओम
R3, R4 और R5 समान्तर है-


या RP2 = 10 ओम
(a) RP1 व RP2 श्रेणीक्रम में है।
कुल प्रतिरोध, R =RP1+RP2
मान रखने पर हम पाते है कि, R = 8 + 10 = 18
कुल प्रतिरोध, R = 18 ohms. Ans.
(b) सम्बन्ध (ओम के नियम से) R = V/I से
हम पाते है कि I = V/R
मान रखने पर, हम पाते है कि, I =12/18= 2/3 = 0.67
कुल धारा, I = 0.67 A. Ans
Ex.12 नीचे दिये गये परिपथ चित्र में, ज्ञात करो -

(i) परिपथ का कुल प्रतिरोध
(ii) परिपथ में प्रवाहित कुल धारा
(iii) R1 पर विभवान्तर
Sol. (i) कुल प्रतिरोध के लिए
8 Ω व 12 Ω समान्तर क्रम में जोडे़ गये है
उनका तुल्य प्रतिरोध 7.2 Ω प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में है।

7.2 Ω और 4.8 Ω श्रेणीक्रम में है
Rs = 7.2 + 4.8 = 12 Ω
परिपथ का कुल प्रतिरोध = 12 ओम
(ii) कुल धारा के लिए
कुल परिपथ प्रतिरोध, R = 12 ओम
आरोपित विभवान्तर, V = 6 V
I = ?
ओम के नियम से R = V/I
I = V/R
I =6/12= 0.5
कुल परिपथ धारा = 0.5 A Ans.
(iii) R1 पर विभवान्तर के लिए -
R = V/I
V = IR
V1 = IR1
V1 = 0.5 x 7.2
= 3.6 V
विभवान्तर, V1 = 3.6 V. Ans
Ex.13 चित्र में दिखाये अनुसार 3 प्रतिरोध जोडे़ गये हैं। 5 ओम के प्रतिरोध से धारा 1 एम्पियर प्रवाहित है :

(i) अन्य दो प्रतिरोधों में से प्रवाहित धारा क्या है?
(ii) AB के सिरों के मध्य तथा AC के सिरों के मध्य विभवान्तर क्या है ?
(iii) कुल प्रतिरोध क्या है।
Sol. (i) समान्तर क्रम में स्थित प्रतिरोध में धारा के लिए : दो समान्तर प्रतिरोधों पर समान विभवान्तर के लिए,
V = I1R1 = I2R2
i.e.

धारा स्वयं को प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपात में बाँटती है।
कुल धारा, I = I1 + I2

Also, I1 + I2 = 1 amp.
I1 = 0.6A, I2 = 0.4 A. Ans.
10Ω प्रतिरोध से प्रवाहित धारा = 0.6 A
(ii) AB पर विभवान्तर के लिए
ओम के नियम से, R =V/I, V = IR
V = 1 x 5 = 5V
AB पर विभवान्तर = 5 V. Ans
10 Ω व 15 Ω के समान्तर क्रम संयोजन के लिए
BC पर विभवान्तर, V = I1R1 = 0.6 x 10 = 6 V
AC पर विभवान्तर = AB पर विभवान्तर + BC पर विभवान्तर
= 5 + 6 = 11 V
(iii) परिपथ के कुल प्रतिरोध के लिए
10 Ω और 15 Ω समान्तर क्रम में होने के कारण

कुल प्रतिरोध = 5 + 6 = 11 Ω
कुल परिपथ प्रतिरोध = 11 Ω Ans

Ex.14 नीचे दिखाये गये चित्र में सेल व अमीटर दोनों नगण्य प्रतिरोध रखते हैं। प्रतिरोध समान है। कुंजी K को खुला रखने पर, अमीअर 0.6 A पढ़ता है। अमीटर का पाठ्यांक क्या होगा जब कुंजी को बंद किया जाता है ?
Sol.

माना कि सेल विभवान्तर V रखता है और प्रत्येक प्रतिरोध, प्रतिरोध R रखता है।
जब कुंजी खुली होती है
विभवान्तर, = V
दो समान्तर क्रम में स्थित प्रतिरोधों का परिपथ प्रतिरोध,

परिपथ में धारा, I1 = 0.6 A
जब कुंजी K बंद होती है
विभवान्तर = V
तीन समान्तर क्रम में स्थित प्रतिरोधों का परिपथ है,

परिपथ धारा, I2 = ?
समान विभवान्तर V के लिए
V = I1RP1 = I2RP2
I2 = ()
I2 = 0.6 x R/2x 3/R = 0.9
बंद कुंजी में परिपथ धारा = 0.9 A.
Ex.15 परिपथ चित्र में

ज्ञात करिये (i) कुल प्रतिरोध
(ii) अमीटर A द्वारा दर्शायी गर्इ धारा
Sol. 3 Ω व 2 Ω श्रेणीक्रम में जुड़कर 5 Ω होते हैं। तुल्य परिपथ चित्र में दिखाया गया है।

(i) कुल प्रतिरोध के लिए
R1 = R2 = 5 Ω समान्तर क्रम में है।
Rp =5x5/5+5= 25/10= 2.5 Ω
तुल्य धारा = 2.5 ohm
(ii) परिपथ धारा के लिए
विभवान्तर, V = 4 V
परिपथ प्रतिरोध Rp = 2.5 Ω
परिपथ धारा, I = ? (परिकलित करना है)
ओम के नियम से, R = V/I
I = V/RP
I = 4/2.5= 1.6 A
परिपथ की धारा = 1.6 A
अमीटर परिपथ की धारा को 1.6 A पढ़ता है।
Ex.16 निम्न चित्र में दिखाये गये परिपथ चित्र में निम्न का मान क्या होगा -

(i) 6 Ω प्रतिरोध से गुजरने वाली धारा
(ii) 12 Ω पर विभवान्तर
Sol. (i) 6 Ω प्रतिरोध से धारा के लिए
4 V बैटरी से निकलने वाली धारा समान्तर ब्रांचों में से पहली ब्रांच 6 Ω व 3 Ω जो श्रेणीक्रम में है। प्रवाहित होगी।
इस ब्रान्च में धारा
I =4/6+3= 4/9 = 0.44 A
(ii) 12 Ω के विभवान्तर के लिए
दूसरी समान्तर ब्रांच से धारा गुजरने के लिए
I =4/12+3= 4/15A
12 Ω पर विभवान्तर, V = 4/15x 12 = 3.2 V.

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एन. टी. एस. ई . Physics (कक्षा X)


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