Physics (NTSE/Olympiad)  

6. ऊर्जा के स्त्रोत

नाभिकीय ऊर्जा से विध्युत उत्पादन

नाभिकीय शक्ति ग्रह और इसकी क्रियाविधि :
नियंत्रित विखण्डन में उत्पन्न ऊष्मा विध्युत उत्पन्न करने में प्रयुक्त की जा सकती है। नियंत्रित नाभिकीय विखण्डन के दौरान मुक्त हुर्इ ऊष्मा से विध्युत उत्पन्न करने की व्यवस्था को नाभिकीय शक्ति ग्रह या नाभिकीय शक्ति केन्द्र कहलाता है। नियंत्रित नाभिकीय विखण्डन में उत्पन्न ऊष्मा भाप बनाने में प्रयुक्त होती है। इस तरह से बनी भाप टरबाइन को चलाती है। टरबाइन की घूर्णन गति जनित्र के अल्टरनेटर को घूर्णित करती है और विध्युत उत्पन्न होती है। इस प्रकार, एक नाभिकीय शक्ति ग्रह में ऊर्जा निम्न क्रम से रूपान्तरित होती है :
यूरेनियम–235 नाभिकों की नाभिकीय ऊर्जा → भाप की ऊष्मा ऊर्जा → टरबार्इन की गतिज ऊर्जा → अल्टरनेटर की गतिज ऊर्जा → विध्युत ऊर्जा

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