Physics (NTSE/Olympiad)  

1. विध्युत

प्रतिरोधों का संयोजन

श्रेणी क्रम संयोजन
जब दो या अधिक प्रतिरोध सिरे से सिरे पर इस प्रकार से जुडे़ हो कि उनमें से प्रत्येक मंध समान धारा बहे, श्रेणी में जुडे़ हुए कहे जाते है।

जब प्रतिरोध का श्रेणी क्रम संयोजन एक बैटरी से जोड़ा जाता है, तो समान धारा (I) उनमें से प्रत्येक में बहती है।
प्रतिरोधों के श्रेणी क्रम संयोजन का नियम : प्रतिरोधों के श्रेणीक्रम संयोजन का नियम कहता है कि जब बहुत सारे प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जोड़े जाते है। उनका तुल्य प्रतिरोध उनके अलग-अलग प्रतिरोधों के जोड़ के बराबर होता है। इस प्रकार यदि R1, R2, R3 ..., इत्यादि श्रेणी में संयोजित किये जाते है, तब तुल्य प्रतिरोध (R) दिया जाता है,
R = R1 + R2 + R3 + ... ....(i)

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