Physics (NTSE/Olympiad)  

2. विध्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव

प्रत्यावर्ती धारा (AC)

विध्युत धारा जो एक निश्चित समय अवधि के बाद अपनी दिशा (या ध्रुवता) बदलती है, प्रत्यावर्ती धारा या AC. कहलाती है। इस प्रकार, AC में, ध्रुवता (+ या –) निश्चित नहीं होती है। हमारे देश में हमारे घर में या ओद्योगिक परिसरों में प्रदान की जाने वाली विध्युत धारा प्रत्यावर्ती धारा (AC) है।
प्रत्यावर्ती धारा (AC) के लाभ-
प्रत्यावर्ती धारा (AC) निम्न लाभ रखती है :
एक प्रत्यावर्ती धारा (AC) बिना किसी अधिक ऊर्जा हानि के तथा संचरण की निम्न दर से लम्बी दूरियों पर संचरित की जा सकती है।
प्रत्यावर्ती धारा से चलाये जाने वाली मशीनें जैसे कि विध्युत पंखा, विध्युत मोटर, आदि (DC) दिष्ट धारा चलायी गयी मशीनों की तुलना में अधिक टिकाऊ और सुविधाजनक होती है।
प्रत्यावर्ती धारा (AC) एक बहुत कम ऊर्जा हानि पर एक चोक कुण्डली के द्वारा नियंत्रित की जा सकती है। दूसरी ओर, दिष्ट धारा (DC) सापेक्ष रूप से अधिक ऊर्जा हानि पर केवल ओम के प्रतिरोध से नियंत्रित की जा सकती है।

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