Physics (NTSE/Olympiad)  

1. विध्युत

विध्युत धारा (गतिशील आवेश)

परिभाषा : दिये गये चालक के अनुप्रस्थ काट से एक सेकण्ड में प्रवाहित विध्युत आवेश की मात्रा विध्युत धारा कहलाती है।
इस प्रकार यदि Q वह आवेश है जो समय t पर चालक में से प्रवाहित होता है, तब धारा (I) दी जाती है -

विध्युत धारा (या धारा) अदिश राशि है।
धारा की इकार्इ
आवेश (Q) की SI इकार्इ कूलाम्ब (C) है, और समय (t) की सेकण्ड (S) है। इसलिए ,
धारा की SI इकार्इ
= 1 एम्पियर
इकार्इ कूलाम्ब प्रति सेकण्ड (Cs–1) धारा (A) एम्पियर कहलाती है।
विध्युत धारा की दिशा :
धनात्मक आवेश के प्रवाहित होने की दिशा को विध्युत धारा की दिशा माना जाता है। जब हम एक साधारण चालक में विध्युत धारा के प्रवाहित होने पर विचार करते है, जैसे कि कॉपर का तार, धारा की दिशा इलेक्ट्रॉन के प्रवाहित होने की दिशा के विपरीत ली जाती है।

यदि आप भी दुसरे स्टूडेंट्स / छात्र को ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी देना चाहते है तो इसे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर अधिक से अधिक शेयर करे | जितना ज्यादा शेयर होगा, छात्रों को उतना ही लाभ होगा | आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए है |

×

एन. टी. एस. ई . Physics (कक्षा X)


एन. टी. एस. ई . Physics (कक्षा IX)


विस्तार से अध्याय देखें

भौतिक विज्ञान CBSE कक्षा 9th व 10th कोर्स देखें

रसायन विज्ञान CBSE कक्षा 9th व 10th कोर्स देखें

भूगोल CBSE कक्षा 9th व 10th कोर्स देखें

जीव विज्ञान CBSE कक्षा 9th व 10th कोर्स देखें

लोकतांत्रिक राजनीति CBSE कक्षा 9th व 10th कोर्स देखें

अर्थशास्त्र CBSE कक्षा 9th व 10th कोर्स देखें

इतिहास CBSE कक्षा 9th व 10th कोर्स देखें