जीव विज्ञान


अध्याय : 4. उत्सर्जन

पादपों में उत्सर्जन

पादपों में अमीनों अम्ल तथा न्युक्लिटॉइड अनुपस्थित होने के कारण नाइट्रोजन युक्त अपशिष्ट पदार्थ जैसे यूरिया तथा यूरिक अम्ल का निर्माण नहीं होता हैं पादप अन्य प्रकार के अपशिष्ट पदार्थों का निर्माण करते हैं। जिन्हें द्वितीयक उपापचयी उत्पाद कहा जाता है। जैसे एल्केलॉइड, टैनिन तथा अरोमा युक्त तेल।
(i) नाइट्रोजन युक्त अपशिष्ट पदार्थ : ये सामान्य उपापचयी क्रियाओं के सहउत्पाद होते हैं। जिसमें एक मुख्य हंओ एल्केलॉयड, उदाहरण कुनैन, मॉर्फिन तथा एट्रोपिन।
(ii) कार्बनिक अम्ल : ये उपापचयी मध्यस्थ होते हैं। जिनमें से कुछ का कोर्इ उपयोग नहीं होता तथा कुछ हानिकारक साबित होते हैं। उदा. : ऑक्जेलिक अम्ल।
(iii) टेनिन : ये पूर्णतया अरोमा युक्त पदार्थ हैं। जो कि द्वितीयक उपापचयी सहउत्पाद के रूप में निर्मित होते हैं।
(iv) लेटेक्स : ये लेटिफर कोशिकाओं द्वारा स्त्रावित विलयन हैं।
(v) रेजिन : ये अरोमा युक्त तेलीय पदार्थों का ऑक्सीकारी उत्पाद होते हैं।
(vi) गोंद : ये कोशिका भित्ती के अपघटन के फलस्वरूप निर्मित होती हैं।

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