Economics


अध्याय : 3. मुद्रा तथा साख

भारत में साख के क्षेत्राक

1. औपचारिक ऋणदाता संसाधन :
इसमें वे संसाधन शामिल है जो सरकार द्वारा नियंत्रितकिये जाते है। बैंक तथा सहकारी बैंक औपचारिक श्रेणी में आते है। ब्याज की दर बहुत कम होती है।
2. अनौपचारिक ऋणदाता संसाधन :
इसमें साहुकार, व्यापारी, रिश्तेदार तथा दोस्त शामिल हैं।
औपचारिक तथा अनौपचारिक साख के मध्य अन्तर

औपचारिक क्षेत्राक ऋण के असमान वितरण :
स्वत्रांता के 50 वर्षों से अधिक के पश्चात् ग्रामीण तथा गरीब लोगों की अधिक संख्या अपने आवश्यक ऋणों के लिए औपचारिक संसाधनों पर निर्भर रहते है। ऋण का 85% अनौपचारिक संसाधनों से ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों द्वारा लिया जाता है। गरीब परिवार कर्जें के लिए अधिक भुगतान करते है।

नवीनतम लेख और ब्लॉग


Download Old Sample Papers For Class X & XII
Download Practical Solutions of Chemistry and Physics for Class 12 with Solutions



महत्वपूर्ण प्रश्न



NTSE Physics Course (Class 9 & 10) NTSE Chemistry Course (Class 9 & 10) NTSE Geography Course (Class 9 & 10) NTSE Biology Course (Class 9 & 10) NTSE Democratic Politics Course (Class 9 & 10) NTSE Economics Course (Class 9 & 10) NTSE History Course (Class 9 & 10) NTSE Mathematics Course (Class 9 & 10)