History


अध्याय : 5. उपन्यास, समाज और इतिहास

महत्वपूर्ण शब्दावली

1. कॉमनेलिटी : लक्षणों का सांझा करना, सामान्य लक्षण।
2. धारावाहिक उपन्यास : उपन्यास जिससे कहानी को किस्तों में छापा जाता है। हर किस्त पित्राका या अखबार के अगले अंक में छपती है।
3. एपिक (वीर गाथा) : एक लम्बी कविता जो वीर पुरूषों की वीरता या उपलब्धि का वर्णन करती है।
4. नॉस्टैलजा : अतीत के सुखद प्रसंगो की याद से उभरी आनन्द और विषाद की मिश्रित भावना।
5. उपन्यास : कल्पना प्रसूत कथा - एक सम्पूर्ण पुस्तक के रूप में प्रकाशित कहानी।
6. पाण्डुलिपि : लेखक के हस्तलिखित दस्तावेजों की प्रतिलिपि।
7. भ्रद्र समाज : जो लोग ऊँचे वंश में जन्म और ऊँची सामाजिक हैसियत का दावा करते है। उनका मानना था कि सही व्यवहार के मानक वही तय करते है।
8. गाथा गीत : लोकगीत का ऐतिहासिक आख्यान, जिसे गाया या सुनाया जाता है।
9. पत्रात्मक उपन्यास : पत्रों की श्रृंखला के रूप में लिखा गया उपन्यास।
10. अनाज व्यापारी : व्यापारी या व्यवसायी जो अनाज में लेन-देन करता है।
11. जनभाषा : औपचारिक साहित्यिक शैली के बजाय सामान्य बोलचाल की भाषा।
12. पाखंड : उच्च जैविक मानदंड और व्यवहार का ढोंग रचना।
13. उपनिवेशवाद : उपनिवेशों के अभिग्रहण या नियमन की पॉलिसी।
14. दास-व्यवसायी : व्यापारी, जो गुलामों (दासो) को खरीदता या बेचता है।
15. स्वदेशी : स्थानविशेष में जन्मा व्यक्ति, मूलनिवासी, स्वदेशी।
16. आदिम : पुरातन सभ्यता की प्रारम्भिक अवस्था।
17. अतिनिर्ममता : जंगली, हिंसक या बर्बर।
18. अंतर्देशीय उपन्यास : उपन्यास, जो निजी जीवन के आंतरिक संसार में समकालीन व्यवस्थाओं सामाजिक समस्याओं तथा स्त्राी-पुरूष के मध्य प्रेम संम्बन्धों का वर्णन करता है।
19. एतिहासिक उपन्यास : ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित उपन्यास।
20. कबीरलेरी : इस बंगाली शब्द का अर्थ है कविता प्रतियोगिताओं का आयोजन करना।
21. भद्रलोक : इस बंगाली शब्द का अर्थ है सज्जन पुरूष (भद्र पुरूष)।
22. जातरा : बंगाल के ग्रामीण समुदाय में खुले मंच पर होने वाली प्रसिद्ध नाटकीय प्रस्तुति।
23. क्लोक्विअल : बोलचाल या बातचीत की भाषा में प्रयुक्त न कि औपचारिक अवसरों पर बोली जाने वाली भाषा।
24. मियेली : महिलाओं के भाषण से सम्बन्धित भाषा।
25. उपनाम : काल्पनिक नाम जो एक लेखक द्वारा केवल अपनी पहचान को बताये। बिना लेखन के उद्देश्य से उपयोग किया जाता है।
26. व्यंग्य : लेखन, चित्राकला, रेखांकन आदि के माध्यम से निरूपण की ऐसी पद्धति जिसमें हास्यात्मक और चतुर ढंग से समाज की आलोचना की जाती है।
27. फेन्टासी : काल्पनिक परिस्थितियाँ, काल्पनिक चरित्रों से युक्त लिखे गए मनोनुकूल उपन्यास।
28. आत्मकथा लेख : अपने स्वयं के जीवन का वर्णन करने के लिए एक लेखक द्वारा लिखे गए साहित्य के लेख।
29. मल्लाह : मछुआरों का समुदाय जो मछली मारकर जीवनयापन करते हैं।
30. प्रटै्रगनिस्ट : कहानी का मुख्य व्यक्ति या पात्रा, उपन्यास या किताब का मुख्य चरित्रा।

नवीनतम लेख और ब्लॉग


Download Old Sample Papers For Class X & XII
Download Practical Solutions of Chemistry and Physics for Class 12 with Solutions



महत्वपूर्ण प्रश्न



NTSE Physics Course (Class 9 & 10) NTSE Chemistry Course (Class 9 & 10) NTSE Geography Course (Class 9 & 10) NTSE Biology Course (Class 9 & 10) NTSE Democratic Politics Course (Class 9 & 10) NTSE Economics Course (Class 9 & 10) NTSE History Course (Class 9 & 10) NTSE Mathematics Course (Class 9 & 10)