Physics


अध्याय : 2. विध्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव

पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र

पृथ्वी का चुम्बकत्व : पृथ्वी एक बड़ी चुम्बक (या एक बड़ी परिनालिका) की भाँति व्यवहार करती है। इस विशाल चुम्बकत्व का स्त्रोत पिघली हुर्इ आवेशित द्रव धातु है जो पृथ्वी की कोर के अंदर धारा प्रवाह को उत्पन्न करती है। इस कोर की त्रिज्या लगभग 3500 km है। (पृथ्वी की त्रिज्या 6400 km है)
कुछ सम्बद्ध पद
1. दक्षिण चुम्बकीय ध्रुव (S) : यह उत्तरी भौगोलिक ध्रुव N के समीप हैं।
2. उत्तरी चुम्बकीय ध्रुव (N) : यह दक्षिण भौगोलिक ध्रुव S के समीप हैं।

नवीनतम लेख और ब्लॉग


Download Old Sample Papers For Class X & XII
Download Practical Solutions of Chemistry and Physics for Class 12 with Solutions



महत्वपूर्ण प्रश्न



NTSE Physics Course (Class 9 & 10) NTSE Chemistry Course (Class 9 & 10) NTSE Geography Course (Class 9 & 10) NTSE Biology Course (Class 9 & 10) NTSE Democratic Politics Course (Class 9 & 10) NTSE Economics Course (Class 9 & 10) NTSE History Course (Class 9 & 10) NTSE Mathematics Course (Class 9 & 10)